हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.6.9

मंडल 1 → सूक्त 6 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 6
अतः॑ परिज्म॒न्ना ग॑हि दि॒वो वा॑ रोच॒नादधि॑ । सम॑स्मिन्नृञ्जते॒ गिरः॑ ॥ (९)
हे चारों ओर व्यापक मरुद्गण! तुम झुलोक, आकाश या दीप्त सूर्य मंडल से इस यज्ञ में आओ. पुरोहित-समूह इस यज्ञ में तुम्हारी भली प्रकार स्तुति कर रहा है. (९)
O vast host of yagna! You come to this yagna from Jhuloka, Akash or the Bright Sun Circle. The priestly group is praising you well in this yajna. (9)