हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.74.9

मंडल 1 → सूक्त 74 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 74
उ॒त द्यु॒मत्सु॒वीर्यं॑ बृ॒हद॑ग्ने विवाससि । दे॒वेभ्यो॑ देव दा॒शुषे॑ ॥ (९)
हे प्रकाशमान अग्नि! देवों को हव्य देने वाले यजमान को प्रौढ़, दीप्त एवं शक्तिसंपन्न धन दो. (९)
O shining agni! Give adult, bright and powerful wealth to the host who gives the greetings to the gods. (9)