हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.79.10

मंडल 1 → सूक्त 79 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 79
प्र पू॒तास्ति॒ग्मशो॑चिषे॒ वाचो॑ गोतमा॒ग्नये॑ । भर॑स्व सुम्न॒युर्गिरः॑ ॥ (१०)
हे शोभन धन के अभिलाषी गौतम! विशुद्ध वचनों से ती&षण ज्वालाओं वाले अग्नि की स्तुति करो. (१०)
O Gautam, the desire of Shobhan Dhan! Praise the agni with pure words. (10)