हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.79.8

मंडल 1 → सूक्त 79 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 79
आ नो॑ अग्ने र॒यिं भ॑र सत्रा॒साहं॒ वरे॑ण्यम् । विश्वा॑सु पृ॒त्सु दु॒ष्टर॑म् ॥ (८)
हे अग्नि! हमें दारिद्रय का अविलंब विनाश करने वाला, वरणीय एवं समस्त संग्रामों में शत्रुओं द्वारा दुस्तर धन दो. (८)
O agni! Give us the immediate destruction of poverty, the one who is a selective and a riche by enemies in all the battles. (8)