हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.80.8

मंडल 1 → सूक्त 80 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 80
वि ते॒ वज्रा॑सो अस्थिरन्नव॒तिं ना॒व्या॒३॒॑ अनु॑ । म॒हत्त॑ इन्द्र वी॒र्यं॑ बा॒ह्वोस्ते॒ बलं॑ हि॒तमर्च॒न्ननु॑ स्व॒राज्य॑म् ॥ (८)
हे इंद्र! तुम्हारा वज्र नब्बे नदियों के ऊपर व्यवस्थित हुआ था. तुम अपने पर्याप्त वीर्य एवं बलशालिनी भुजाओं से अपना प्रभुत्व प्रदर्शित करो. (८)
O Indra! Your thunderbolt was arranged over ninety rivers. You demonstrate your dominance by your adequate semen and forceful arms. (8)