हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.86.10

मंडल 1 → सूक्त 86 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 86
गूह॑ता॒ गुह्यं॒ तमो॒ वि या॑त॒ विश्व॑म॒त्रिण॑म् । ज्योति॑ष्कर्ता॒ यदु॒श्मसि॑ ॥ (१०)
हे मरुदगणो! सर्वत्र वर्तमान अंधकार को नष्ट करो, सबका भक्षण करने वाले राक्षसों को भगाओ एवं हमें मनचाहा प्रकाश दो. (१०)
O Marudagano! Destroy the present darkness everywhere, drive away the demons who eat everyone and give us the light we want. (10)