ऋग्वेद (मंडल 1)
शं नो॑ मि॒त्रः शं वरु॑णः॒ शं नो॑ भवत्वर्य॒मा । शं न॒ इन्द्रो॒ बृह॒स्पतिः॒ शं नो॒ विष्णु॑रुरुक्र॒मः ॥ (९)
मित्र, वरुण, अर्यमा, इंद्र, बृहस्पति एवं लंबे डग भरने वाले विष्णु हमारे लिए सुखदाता हों. (९)
Friends, Varuna, Aryama, Indra, Jupiter and Vishnu, who fills long steps, may be the givers of happiness for us. (9)