हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.91.5

मंडल 1 → सूक्त 91 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 91
त्वं सो॑मासि॒ सत्प॑ति॒स्त्वं राजो॒त वृ॑त्र॒हा । त्वं भ॒द्रो अ॑सि॒ क्रतुः॑ ॥ (५)
हे सोम! तुम सत्कर्मो में ब्राह्मणों के स्वामी, तेजस्वी एवं शोभन यज्ञों वाले हो. (५)
Hey Mon! You are the masters of the Brahmins in the satkarmo, the ones of the radiant and shobhan yajnas. (5)