हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.92.16

मंडल 1 → सूक्त 92 → श्लोक 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 92
अश्वि॑ना व॒र्तिर॒स्मदा गोम॑द्दस्रा॒ हिर॑ण्यवत् । अ॒र्वाग्रथं॒ सम॑नसा॒ नि य॑च्छतम् ॥ (१६)
हे शत्रुनाशक अश्चिनीकुमारो! तुम दोनों समान विचार बनाकर हमारे घर को गायों एवं रमणीय धन से युक्त करने के लिए अपने रथ पर बैठकर हमारे घर को आओ. (१६)
O enemies, Aschinikumaro! You both come to our house sitting on your chariot to make our house with similar ideas and make our house full of cows and delightful wealth. (16)