हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.93.11

मंडल 1 → सूक्त 93 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 93
अग्नी॑षोमावि॒मानि॑ नो यु॒वं ह॒व्या जु॑जोषतम् । आ या॑त॒मुप॑ नः॒ सचा॑ ॥ (११)
हे अग्नि और सोम! हमारा यह हव्य स्वीकार करो एवं इस कार्य के लिए एक साथ आओ. (११)
O Fire and Mon! Accept this gesture of ours and come together for this task. (11)