हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 1.97.1

मंडल 1 → सूक्त 97 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 1)

ऋग्वेद: | सूक्त: 97
अप॑ नः॒ शोशु॑चद॒घमग्ने॑ शुशु॒ग्ध्या र॒यिम् । अप॑ नः॒ शोशु॑चद॒घम् ॥ (१)
हे अग्नि! हमारा पाप नष्ट हो. तुम हमारे धन को सब ओर से प्रकाशित करो. हमारा पाप नष्ट हो. (१)
O agni! Let our sins be destroyed. You publish our wealth from all sides. Let our sins be destroyed. (1)