ऋग्वेद (मंडल 10)
मुन॑यो॒ वात॑रशनाः पि॒शङ्गा॑ वसते॒ मला॑ । वात॒स्यानु॒ ध्राजिं॑ यन्ति॒ यद्दे॒वासो॒ अवि॑क्षत ॥ (२)
वातरशन के मुनिपुत्र पीले रंग के वल्कल धारण करते हैं. देवों ने देवत्व प्राप्त किया एवं वायु की गति से चलने लगे. (२)
The muni-sons of Vatarshan wear yellow-coloured cover. The gods attained divinity and began to move at the speed of the wind. (2)