हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.141.5

मंडल 10 → सूक्त 141 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 141
अ॒र्य॒मणं॒ बृह॒स्पति॒मिन्द्रं॒ दाना॑य चोदय । वातं॒ विष्णुं॒ सर॑स्वतीं सवि॒तारं॑ च वा॒जिन॑म् ॥ (५)
हे स्तोता! अर्यमा, बृहस्पति, इंद्र, वायु, विष्णु, सरस्वती एवं शक्तिशाली सविता को दान की प्रेरणा करो. (५)
This is the hymn! Inspire aryama, jupiter, indra, vayu, vishnu, saraswati and the mighty savita to donate. (5)