हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.166.4

मंडल 10 → सूक्त 166 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 166
अ॒भि॒भूर॒हमाग॑मं वि॒श्वक॑र्मेण॒ धाम्ना॑ । आ व॑श्चि॒त्तमा वो॑ व्र॒तमा वो॒ऽहं समि॑तिं ददे ॥ (४)
मैं इस समस्त कार्य करने वाले अपने तेज से शत्रुओं को पराजित करने आया हूं. हे शत्रुओ! मैं तुम्हारे मन, कार्य एवं संगठन को छीनता हूं. (४)
I have come to defeat the enemies with my own swiftness who do all this work. O enemies! I take away your mind, work and organization. (4)