ऋग्वेद (मंडल 10)
प्र॒जाप॑ति॒र्मह्य॑मे॒ता ररा॑णो॒ विश्वै॑र्दे॒वैः पि॒तृभिः॑ संविदा॒नः । शि॒वाः स॒तीरुप॑ नो गो॒ष्ठमाक॒स्तासां॑ व॒यं प्र॒जया॒ सं स॑देम ॥ (४)
प्रजापति ने समस्त देवों एवं पितरों से सलाह करके मुझे ये गाएं प्रदान की हैं. वे इन गायों को कल्याणरूपिणी बनाकर हमारी गोशाला में रखते हैं, जिससे हम गायों के बच्चे पा सकें. (४)
Prajapati has given me these songs in consultation with all the gods and fathers. They make these cows as kalyanrupini and keep them in our goshala, so that we can get the children of cows. (4)