हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.26.4

मंडल 10 → सूक्त 26 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 26
मं॒सी॒महि॑ त्वा व॒यम॒स्माकं॑ देव पूषन् । म॒ती॒नां च॒ साध॑नं॒ विप्रा॑णां चाध॒वम् ॥ (४)
हे अभिलाषाओं को पूरा करने वाले एवं बुद्धिमानों को भी कंपित करने वाले पूषादेव! हम तुम्हारी स्तुति करते हैं. (४)
O God who fulfills the desires and trembles even the wise! We praise you. (4)