ऋग्वेद (मंडल 10)
स ईं॑ स॒त्येभिः॒ सखि॑भिः शु॒चद्भि॒र्गोधा॑यसं॒ वि ध॑न॒सैर॑दर्दः । ब्रह्म॑ण॒स्पति॒र्वृष॑भिर्व॒राहै॑र्घ॒र्मस्वे॑देभि॒र्द्रवि॑णं॒ व्या॑नट् ॥ (७)
बृहस्पति ने अपने तेजस्वी, सत्यवादी एवं धन देने वाले सहायकों से मिलकर गायों को रोकने वाले राक्षस को विदीर्ण कर दिया. स्तोत्रों के स्वामी बृहस्पति ने जल बरसाने वाले, जल का आहरण करने वाले एवं दीप्त आगमन वाले मरुतों के साथ गोधन को बाहर निकाला. (७)
Jupiter met his brilliant, truthful and wealth-giving helpers and shattered the demon who stopped the cows. Jupiter, the lord of the hymns, pulled out the godhan with the water-showerers, the drawers of water and the bright arrival maruts. (7)