हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.72.3

मंडल 10 → सूक्त 72 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 72
दे॒वानां॑ यु॒गे प्र॑थ॒मेऽस॑तः॒ सद॑जायत । तदाशा॒ अन्व॑जायन्त॒ तदु॑त्ता॒नप॑द॒स्परि॑ ॥ (३)
देवों की उत्पत्ति से पहले के समय में असत्‌ से सत्‌ उत्पन्न हुआ. इसके बाद दिशाएं उत्पन्न हुईं. दिशाओं से वृक्ष उत्पन्न हुए. (३)
In the time before the origin of the gods came the truth from the asat. Directions were then generated. Trees originated from the directions. (3)