हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 10.9.5

मंडल 10 → सूक्त 9 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 10)

ऋग्वेद: | सूक्त: 9
ईशा॑ना॒ वार्या॑णां॒ क्षय॑न्तीश्चर्षणी॒नाम् । अ॒पो या॑चामि भेष॒जम् ॥ (५)
जल अभिलाषायोग्य वस्तुओं के स्वामी एवं मानवों को निवासस्थान देने वाले हैं. हम जलों से दवाओं की प्रार्थना करें. (५)
Water is the owner of the desired things and gives habitat to human beings. Let's pray for medicines from the waters. (5)