हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 2.23.19

मंडल 2 → सूक्त 23 → श्लोक 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 2)

ऋग्वेद: | सूक्त: 23
ब्रह्म॑णस्पते॒ त्वम॒स्य य॒न्ता सू॒क्तस्य॑ बोधि॒ तन॑यं च जिन्व । विश्वं॒ तद्भ॒द्रं यदव॑न्ति दे॒वा बृ॒हद्व॑देम वि॒दथे॑ सु॒वीराः॑ ॥ (१९)
हे संसार के नियामक ब्रह्मणस्पति! इस सूक्त को जानो एवं हमारी संतान की रक्षा करो. देवगण जिसकी रक्षा करते हैं, वह सभी कल्याण प्राप्त करता है. हम शोभन पुत्र एवं पौत्र प्राप्त करके इस यज्ञ में बहुत सी स्तुतियां बोलेंगे. (१९)
O Brahmaspati, the regulator of the world! Know this sukta and protect our children. The one whom the gods protect receives all the welfare. We will receive shobhan sons and grandsons and speak many praises in this yajna. (19)