हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 3.34.9

मंडल 3 → सूक्त 34 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 3)

ऋग्वेद: | सूक्त: 34
स॒सानात्या॑ँ उ॒त सूर्यं॑ ससा॒नेन्द्रः॑ ससान पुरु॒भोज॑सं॒ गाम् । हि॒र॒ण्यय॑मु॒त भोगं॑ ससान ह॒त्वी दस्यू॒न्प्रार्यं॒ वर्ण॑मावत् ॥ (९)
इंद्र ने घोड़ों, सूर्य एवं बहुत से लोगों के उपभोग में आने वाली गायों का दान दिया था. इंद्र ने स्वर्णरूपी धन का दान किया एवं दस्युओं को मारकर आर्यवर्णो का पालन किया. (९)
Indra had donated horses, the sun and the cows that came to the consumption of many people. Indra donated the golden money and followed the Aryavarna by killing the bandits. (9)