हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 3.39.6

मंडल 3 → सूक्त 39 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 3)

ऋग्वेद: | सूक्त: 39
इन्द्रो॒ मधु॒ सम्भृ॑तमु॒स्रिया॑यां प॒द्वद्वि॑वेद श॒फव॒न्नमे॒ गोः । गुहा॑ हि॒तं गुह्यं॑ गू॒ळ्हम॒प्सु हस्ते॑ दधे॒ दक्षि॑णे॒ दक्षि॑णावान् ॥ (६)
इंद्र ने सबसे पहले दुधारू गायों में मधुर दूध जाना, फिर दूध के निमित्त चार चरणों वाले गोधन को प्राप्त किया. उदारता वाले इंद्र ने गुफा में छिपे हुए एवं अंतरिक्ष में चलने वाले मायावी असुर को दाहिने हाथ में पकड़ लिया. (६)
Indra first went to the milch cows with sweet milk, then got the four-stage godhan for the sake of milk. Indra, who was generous, held the elusive asura hiding in the cave and walking in space in his right hand. (6)