हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 3.40.1

मंडल 3 → सूक्त 40 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 3)

ऋग्वेद: | सूक्त: 40
इन्द्र॑ त्वा वृष॒भं व॒यं सु॒ते सोमे॑ हवामहे । स पा॑हि॒ मध्वो॒ अन्ध॑सः ॥ (१)
हे कामवर्षी इंद्र! निचोड़े हुए सोम को पीने के लिए हम तुम्हें बुलाते हैं. तुम मादक एवं अन्नरूपी सोम को पिओ. (१)
O karyati Indra! We call you to drink the squeezed mon. You drink narcotics and anomorphic mon. (1)