हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 3.42.7

मंडल 3 → सूक्त 42 → श्लोक 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 3)

ऋग्वेद: | सूक्त: 42
इ॒ममि॑न्द्र॒ गवा॑शिरं॒ यवा॑शिरं च नः पिब । आ॒गत्या॒ वृष॑भिः सु॒तम् ॥ (७)
हे इंद्र! यज्ञस्थल में आकर गोदुग्ध एवं जौ मिले हुए तथा पत्थरों की सहायता से निचोड़े गए सोम को पिओ. (७)
O Indra! Come to the yajna sthal and drink the soma mixed with godhugdha and barley and squeezed with the help of stones. (7)