हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 4.15.8

मंडल 4 → सूक्त 15 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 4)

ऋग्वेद: | सूक्त: 15
उ॒त त्या य॑ज॒ता हरी॑ कुमा॒रात्सा॑हदे॒व्यात् । प्रय॑ता स॒द्य आ द॑दे ॥ (८)
सहदेव के पुत्र कुमार से हमने पूजनीय एवं गतिशील घोड़ों को उसी दिन ले लिया था. (८)
We had taken the revered and moving horses from Kumar, son of Sahdev, on the same day. (8)