हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 4.32.24

मंडल 4 → सूक्त 32 → श्लोक 24 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 4)

ऋग्वेद: | सूक्त: 32
अरं॑ म उ॒स्रया॒म्णेऽर॒मनु॑स्रयाम्णे । ब॒भ्रू यामे॑ष्व॒स्रिधा॑ ॥ (२४)
हे इंद्र! हम चाहे बैल जुड़े हुए रथ में बैठकर चलें अथवा बिना उसके पैदल चलें, तुम्हारे हिंसा न करने वाले पीले घोड़े हमारी यात्रा में कल्याण करें. (२४)
O Indra! Whether we sit in a bull-connected chariot or walk without it, may your unprovoked yellow horses do good in our journey. (24)