ऋग्वेद (मंडल 4)
वायो॑ श॒तं हरी॑णां यु॒वस्व॒ पोष्या॑णाम् । उ॒त वा॑ ते सह॒स्रिणो॒ रथ॒ आ या॑तु॒ पाज॑सा ॥ (५)
हे वायु! तुम सौ स्वस्थ अश्वों को अपने रथ में जोड़ो अथवा हजार को. उनसे युक्त तुम्हारा रथ शीघ्रता से आवे. (५)
O air! You add a hundred healthy horses to your chariot or a thousand. Let your chariot with them come quickly. (5)