हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 4.49.3

मंडल 4 → सूक्त 49 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 4)

ऋग्वेद: | सूक्त: 49
आ न॑ इन्द्राबृहस्पती गृ॒हमिन्द्र॑श्च गच्छतम् । सो॒म॒पा सोम॑पीतये ॥ (३)
हे सोमपानकर्ता इंद्र एवं बृहस्पति! तुम दोनों सोमरस पीने के लिए हमारे घर आओ. (३)
O Indra and Brihaspati, the creators of Somapana! You two come to our house to drink somerus. (3)