हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 4.9.5

मंडल 4 → सूक्त 9 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 4)

ऋग्वेद: | सूक्त: 9
वेषि॒ ह्य॑ध्वरीय॒तामु॑पव॒क्ता जना॑नाम् । ह॒व्या च॒ मानु॑षाणाम् ॥ (५)
हे अग्नि! तुम यज्ञ करने के इच्छुक लोगों का हव्य चाहते हो एवं यज्ञकर्म के उपवक्ता हो. (५)
O agni! You want the greeting of those who want to perform yajna and are the advocate of yajnakarma. (5)