ऋग्वेद (मंडल 5)
के ष्ठा॑ नरः॒ श्रेष्ठ॑तमा॒ य एक॑एक आय॒य । प॒र॒मस्याः॑ परा॒वतः॑ ॥ (१)
हे सर्वोत्तम नेताओ! तुम कौन हो? तुम दूरवर्ती आकाश से एक-एक करके आते हो. (१)
Oh, the best leaders! Who are you? You come one by one from the distant sky. (1)
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