हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 5.61.6

मंडल 5 → सूक्त 61 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 5)

ऋग्वेद: | सूक्त: 61
उ॒त त्वा॒ स्त्री शशी॑यसी पुं॒सो भ॑वति॒ वस्य॑सी । अदे॑वत्रादरा॒धसः॑ ॥ (६)
देवों की स्तुति न करने वाले तथा धनदान न करने वाले पुरुष से स्त्री शशीयसी बहुत महान्‌ है. (६)
The woman is a great man from a man who does not praise the gods and does not give riches. (6)