ऋग्वेद (मंडल 5)
अ॒द्या नो॑ देव सवितः प्र॒जाव॑त्सावीः॒ सौभ॑गम् । परा॑ दु॒ष्ष्वप्न्यं॑ सुव ॥ (४)
हे सविता देव! आज हमें पुत्र, पौत्र व धन प्रदान करो एवं दुःख बढ़ाने वाली दरिद्रता को नष्ट करो. (४)
O Savita Dev! Give us sons, grandsons and wealth today and destroy the poverty that increases misery. (4)