ऋग्वेद (मंडल 5)
य इ॒मा विश्वा॑ जा॒तान्या॑श्रा॒वय॑ति॒ श्लोके॑न । प्र च॑ सु॒वाति॑ सवि॒ता ॥ (९)
सविता देव सभी प्राणियों को अपनी स्तुति सुनाते हैं एवं उन्हें प्रेरणा देते हैं. (९)
Savita Dev recites her praises to all beings and inspires them. (9)
मंडल 5 → सूक्त 82 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation