हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.1.12

मंडल 6 → सूक्त 1 → श्लोक 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 1
नृ॒वद्व॑सो॒ सद॒मिद्धे॑ह्य॒स्मे भूरि॑ तो॒काय॒ तन॑याय प॒श्वः । पू॒र्वीरिषो॑ बृह॒तीरा॒रेअ॑घा अ॒स्मे भ॒द्रा सौ॑श्रव॒सानि॑ सन्तु ॥ (१२)
हे धनस्वामी अग्नि! हमें सेवकों सहित धन एवं हमारे पुत्र-पौत्रों को पशु दो. हमें कामपूरक व पापरहित पर्याप्त अन्न एवं कल्याणकारी सौभाग्य दो. (१२)
O rich godly agni! Give us wealth, including servants, and animals to our sons and grandsons. Give us enough food and welfare good fortune, full and sinless. (12)