हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.16.1

मंडल 6 → सूक्त 16 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 16
त्वम॑ग्ने य॒ज्ञानां॒ होता॒ विश्वे॑षां हि॒तः । दे॒वेभि॒र्मानु॑षे॒ जने॑ ॥ (१)
हे अग्नि! तुम समस्त यज्ञों को पूर्ण करने वाले हो. देवों ने मानवी प्रजाओं में तुम्हें होता बनाया है. (१)
O agni! You are going to complete all the yajnas. The gods have created you among the human beings. (1)