हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.16.29

मंडल 6 → सूक्त 16 → श्लोक 29 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 16
सु॒वीरं॑ र॒यिमा भ॑र॒ जात॑वेदो॒ विच॑र्षणे । ज॒हि रक्षां॑सि सुक्रतो ॥ (२९)
हे जातवेद एवं विशेषद्रष्टा अग्नि! तुम इसे शोभन पुत्रादि से युक्त धन दो. हे शोभन कर्म वाले! राक्षसों का नाश करो. (२९)
O Jataveda and Vishadar Agni! You give it money containing shobhan putradi. O you who are good deeds! Destroy the monsters. (29)