हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.46.8

मंडल 6 → सूक्त 46 → श्लोक 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 46
यद्वा॑ तृ॒क्षौ म॑घवन्द्रु॒ह्यावा जने॒ यत्पू॒रौ कच्च॒ वृष्ण्य॑म् । अ॒स्मभ्यं॒ तद्रि॑रीहि॒ सं नृ॒षाह्ये॒ऽमित्रा॑न्पृ॒त्सु तु॒र्वणे॑ ॥ (८)
हे धनस्वामी इंद्र! तुम हमें तृक्षु,द्रह्मु एवं पुरु नामक राजाओं का समस्त बल दो. इस प्रकार हम युद्ध आरंभ होने पर शत्रुओं को जीत सकेंगे. (८)
O Dhanaswami Indra! You give us all the strength of the kings named Trikhu, Drhumu and Puru. In this way, we will be able to conquer the enemies when the war starts. (8)