ऋग्वेद (मंडल 6)
ते नो॑ रु॒द्रः सर॑स्वती स॒जोषा॑ मी॒ळ्हुष्म॑न्तो॒ विष्णु॑र्मृळन्तु वा॒युः । ऋ॒भु॒क्षा वाजो॒ दैव्यो॑ विधा॒ता प॒र्जन्या॒वाता॑ पिप्यता॒मिषं॑ नः ॥ (१२)
वर्षा करने वाले रुद्र, सरस्वती, विष्णु, वायु, ऋभुक्षा, वाज और विधाता देव परस्पर प्रेम रखते हुए हमें सुखी करें. पर्जन्य एवं वायु हमारे अन्न को बढ़ावें. (१२)
May the rainy god of Rudra, Saraswati, Vishnu, Vayu, Ribhuksha, Vaj and Vidhata, who shower, make us happy by having mutual love. Let the rain and air increase our food. (12)