हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.52.9

मंडल 6 → सूक्त 52 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 52
उप॑ नः सू॒नवो॒ गिरः॑ श‍ृ॒ण्वन्त्व॒मृत॑स्य॒ ये । सु॒मृ॒ळी॒का भ॑वन्तु नः ॥ (९)
अमृत के पुत्र विश्वैदेवगण हमारी स्तुतियां सुनें और हमें शोभन सुख देने वाले हों. (९)
May the sons of Amrit, Vishwaidevaideva, listen to our praises and give us joyful pleasures. (9)