ऋग्वेद (मंडल 6)
या ते॒ अष्ट्रा॒ गू॑प॒शाघृ॑णे पशु॒साध॑नी । तस्या॑स्ते सु॒म्नमी॑महे ॥ (९)
हे दीप्तिशाली पूषा! तुम्हारा जो लौहदंड गायों एवं पशुओं को चलाने वाला है, उसीसे हम सुख चाहते हैं. (९)
O glorious God! We want happiness from your iron rod that drives cows and animals. (9)