हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.54.1

मंडल 6 → सूक्त 54 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 54
सं पू॑षन्वि॒दुषा॑ नय॒ यो अञ्ज॑सानु॒शास॑ति । य ए॒वेदमिति॒ ब्रव॑त् ॥ (१)
हे पूषा! हमें ऐसे विद्वान्‌ से मिलाओ जो हमें सरल मार्ग की शिक्षा दे एवं नष्ट धन को बतावे. (१)
O God! Meet us with a scholar who teaches us the simple way and tells us the lost wealth. (1)