हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.54.10

मंडल 6 → सूक्त 54 → श्लोक 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 54
परि॑ पू॒षा प॒रस्ता॒द्धस्तं॑ दधातु॒ दक्षि॑णम् । पुन॑र्नो न॒ष्टमाज॑तु ॥ (१०)
पूषा अपने दाहिने हाथ से हमारी गायों को सरल मार्ग पर चलावें एवं खोई हुई गायों को वापस लावे. (१०)
Pusha should drive our cows on a simple path with her right hand and bring back the lost cows. (10)