हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 6.61.11

मंडल 6 → सूक्त 61 → श्लोक 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 6)

ऋग्वेद: | सूक्त: 61
आ॒प॒प्रुषी॒ पार्थि॑वान्यु॒रु रजो॑ अ॒न्तरि॑क्षम् । सर॑स्वती नि॒दस्पा॑तु ॥ (११)
धरा संबंधी विस्तीर्ण लोकों, अंतरिक्ष एवं आकाश को अपने तेज से पूर्ण करने वाली सरस्वती निंदकों से हमारी रक्षा करें. (११)
Protect us from the saraswati cynics who complete the vast realms, space and sky with their brightness. (11)