ऋग्वेद (मंडल 6)
सा नो॒ विश्वा॒ अति॒ द्विषः॒ स्वसॄ॑र॒न्या ऋ॒ताव॑री । अत॒न्नहे॑व॒ सूर्यः॑ ॥ (९)
सरस्वती हमें सभी शत्रुओं से छुटकारा पाने तथा जल से भरी अन्य नदियां पार करने में हमारी सहायता करें. जिस प्रकार सूर्य सदा चलता रहता है, उसी प्रकार सरस्वती सदा बहें. (९)
May Saraswati help us to get rid of all the enemies and cross other rivers full of water. Just as the sun moves forever, so may Saraswati flow forever. (9)