ऋग्वेद (मंडल 6)
इन्द्रा॑सोमा वा॒सय॑थ उ॒षास॒मुत्सूर्यं॑ नयथो॒ ज्योति॑षा स॒ह । उप॒ द्यां स्क॒म्भथुः॒ स्कम्भ॑ने॒नाप्र॑थतं पृथि॒वीं मा॒तरं॒ वि ॥ (२)
हे इंद्र एवं सोम! तुम उषा को प्रकाशित करो एवं सूर्य को उसकी ज्योति के साथ ऊपर उठाओ. तुम अंतरिक्ष के द्वारा स्वर्ग को स्थिर करो एवं पृथ्वी माता को प्रसिद्ध बनाओ. (२)
O Indra and Mon! You illuminate Usha and raise the sun up with its light. You stabilize heaven through space and make Mother Earth famous. (2)