हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.68.9

मंडल 7 → सूक्त 68 → श्लोक 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 68
ए॒ष स्य का॒रुर्ज॑रते सू॒क्तैरग्रे॑ बुधा॒न उ॒षसां॑ सु॒मन्मा॑ । इ॒षा तं व॑र्धद॒घ्न्या पयो॑भिर्यू॒यं पा॑त स्व॒स्तिभिः॒ सदा॑ नः ॥ (९)
हे अश्विनीकुमारो! यह शोभनबुद्धि वाला स्तोता उषा से पहले ही जागकर सूक्तों द्वारा तुम्हारी स्तुति करता है. उसे अन्न, दूध एवं गायों द्वारा बढ़ाओ. हे देवो! अपने कल्याणसाधनों द्वारा हमारी सदा रक्षा करो. (९)
O Ashwinikumaro! This sociable-wise hymn wakes up even before Usha and praises you with suktas. Grow it by food, milk and cows. Oh, God! Protect us forever by your welfare means. (9)