हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.70.5

मंडल 7 → सूक्त 70 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 70
शु॒श्रु॒वांसा॑ चिदश्विना पु॒रूण्य॒भि ब्रह्मा॑णि चक्षाथे॒ ऋषी॑णाम् । प्रति॒ प्र या॑तं॒ वर॒मा जना॑या॒स्मे वा॑मस्तु सुम॒तिश्चनि॑ष्ठा ॥ (५)
हे अश्चिनीकुमारो! तुमने स्तुतियां सुनकर ऋषियों के अनेक यज्ञकर्म को देखा है. तुम मुझ यजमान के घर में आओ. तुम अन्न के विषय में हम पर कृपा करो. (५)
O aschinikumaro! You have seen many yagnakarmas of the sages by listening to the praises. You come into my host's house. Please be kind to us concerning you food. (5)