हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 7.97.6

मंडल 7 → सूक्त 97 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 7)

ऋग्वेद: | सूक्त: 97
तं श॒ग्मासो॑ अरु॒षासो॒ अश्वा॒ बृह॒स्पतिं॑ सह॒वाहो॑ वहन्ति । सह॑श्चि॒द्यस्य॒ नील॑वत्स॒धस्थं॒ नभो॒ न रू॒पम॑रु॒षं वसा॑नाः ॥ (६)
सुखकर, तेजस्वी, मिलकर वहन करने वाले एवं सूर्य के समान प्रकाशयुक्त घोड़े प्रसिद्ध बृहस्पति को वहन करें. उनके पास शक्ति एवं निवास करने योग्य घर है. (६)
Let the well-to-do, bright, joint-carrying and sun-lightened horses carry the famous Jupiter. They have power and a house worth living in. (6)