ऋग्वेद (मंडल 8)
सोता॒ हि सोम॒मद्रि॑भि॒रेमे॑नम॒प्सु धा॑वत । ग॒व्या वस्त्रे॑व वा॒सय॑न्त॒ इन्नरो॒ निर्धु॑क्षन्व॒क्षणा॑भ्यः ॥ (१७)
हे अध्वर्यु लोगो! पत्थरों की सहायता से सोमलता का रस निचोड़ो तथा उसे पानी में धोओ. लोग गोदुग्ध मिले सोमरस को कपड़े से ढककर नदियों से जल दुहते हैं. (१७)
O adhwaryu logo! Squeeze the somalta juice with the help of stones and wash it in water. People cover the somras with a cloth and milk water from the rivers. (17)