हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.1.17

मंडल 8 → सूक्त 1 → श्लोक 17 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 1
सोता॒ हि सोम॒मद्रि॑भि॒रेमे॑नम॒प्सु धा॑वत । ग॒व्या वस्त्रे॑व वा॒सय॑न्त॒ इन्नरो॒ निर्धु॑क्षन्व॒क्षणा॑भ्यः ॥ (१७)
हे अध्वर्यु लोगो! पत्थरों की सहायता से सोमलता का रस निचोड़ो तथा उसे पानी में धोओ. लोग गोदुग्ध मिले सोमरस को कपड़े से ढककर नदियों से जल दुहते हैं. (१७)
O adhwaryu logo! Squeeze the somalta juice with the help of stones and wash it in water. People cover the somras with a cloth and milk water from the rivers. (17)