हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 8.13.21

मंडल 8 → सूक्त 13 → श्लोक 21 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 8)

ऋग्वेद: | सूक्त: 13
यदि॑ मे स॒ख्यमा॒वर॑ इ॒मस्य॑ पा॒ह्यन्ध॑सः । येन॒ विश्वा॒ अति॒ द्विषो॒ अता॑रिम ॥ (२१)
हे इंद्र! यदि तुम मुझे अपनी मित्रता दो एवं इस सोमरस को पिओ, मैं सभी शत्रुओं को हरा सकता हूं. (२१)
O Indra! If you give me your friendship and drink this someras, I can defeat all enemies. (21)